नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की दिशा में शुरुआती कदम बढ़ा दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बार सरकार का फोकस सिर्फ सैलरी पर नहीं बल्कि पेंशनर्स के हितों पर भी रहेगा। ऐसे में माना जा रहा है
कि जब यह आयोग लागू होगा, तो रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।कितना बढ़ सकता है
वेतन और पेंशन? जानें फॉर्मूलापिछले 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के बाद बेसिक पे में औसतन 2.57 गुना तक बढ़ोतरी की गई थी। अब यदि यही फॉर्मूला 8वें वेतन आयोग में लागू होता है,
तो कर्मचारियों का बेसिक पे बढ़कर 2.5 से 3 गुना तक हो सकता है। वहीं पेंशनर्स की पेंशन भी लगभग डबल हो जाएगी।कैसे तय होती है पेंशन की नई राशि? समझें कैलकुलेशनपेंशन की गणना मूल वेतन के 50% के आधार पर की जाती है।
इसलिए, जितनी अधिक वृद्धि बेसिक पे में होगी, उतनी ही तेजी से पेंशन अमाउंट बढ़ेगा।पेंशनर्स को कर्मचारियों से ज्यादा फायदा क्यों?दरअसल, कर्मचारियों को सैलरी में इन्क्रीमेंट के साथ टैक्स और PF डिडक्शन झेलना पड़ता है,
जबकि पेंशनर्स को पूरा फायदा सीधा उनके खाते में मिलता है। इसके अलावा:DA (Dearness Allowance) भी पेंशन पर लागू होता है।सरकार हर 6 महीने में DA रिवीजन करती है।
8th Pay Commission लागू होने पर DA मर्जिंग भी संभव है, जिससे पेंशन और बढ़ जाएगी।कब लागू हो सकता है 8th Pay Commission?जानकारों के मुताबिक, सरकार इसे 1 जनवरी 2026 से लागू कर सकती है।
यह 7वें वेतन आयोग के दस साल पूरे होने का समय होगा। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा 2025 के अंत तक होने की संभावना है।
केंद्र सरकार के 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी और 60 लाख पेंशनर्स को फायदाअगर 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो इसका सीधा असर लगभग 1.1 करोड़ लोगों पर पड़ेगा — जिसमें 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 60 लाख पेंशनर्स शामिल हैं।
यह भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ी खपत वृद्धि और मार्केट में रौनक ला सकता है।DA और HRA पर भी होगा असर8th Pay Commission के लागू होने से न सिर्फ बेसिक पे और पेंशन बढ़ेगी,
बल्कि Dearness Allowance (DA) और House Rent Allowance (HRA) भी री-कैलकुलेट किए जाएंगे। इससे सरकारी कर्मचारियों की कुल आय में बड़ा उछाल आने की संभावना है।
एक्सपर्ट्स की राय – पेंशन डबल होना लगभग तयआर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार 2.75 या 3 के फैक्टर पर वेतन वृद्धि करती है,
तो पेंशन डबल होने में कोई शक नहीं है। इससे वरिष्ठ नागरिकों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

